शुक्रवार, 11 नवंबर 2011

भंवरी का सच सामने आने की उम्मीद


- राजेंद्र चतुर्वेदी

भंवरी देवी के लापता होने के मामले में लगता है कि सच भी जल्दी ही देश के सामने आ जाएगा, क्योंकि सीबीआई सही दिशा में आगे बढ़ रही है।


राजस्थान की लापता नर्स भंवरी देवी और पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा से जुड़ी हुईं जो कहानियां सामने आ रही हैं, वह बहुत ही चौंकाने वाली हैं। इस घटना की जांच में सीबीआई ने अब तक जो भी माथा-पच्ची की है, उसका सारांश यही है कि मदेरणा जो कुछ भी कर रहे थे, उसकी जानकारी राजस्थान की सत्ता से जुड़े कई लोगों को थी? इंद्रा विश्नोई नामक एक महिला से सीबीआई गुरुवार को पूछताछ कर चुकी है। यह वही इंद्रा है, जिसका भाई विधायक है और भंवरी के कॉल डिटेल निकलवाने पर सीबीआई को पता चला था कि लापता होने से ठीक पहले भंवरी और इंद्रा के बीच बातचीत हुई थी। सुनने को तो यहां तक मिला कि किसी सीडी के सहारे भंवरी और इंद्रा के बीच मदेरणा को ब्लैक मेल करने की चर्चा उस बातचीत में हुई थी। अब कहा यह जा रहा है इंद्रा ने सीबीआई को बताया है कि एक बार भंवरी देवी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी मिली थी, सीडी लेकर? तब उन्होंने दोनों को समझौता करने की नसीहत दी थी? हम नहीं कह सकते कि इंद्रा का यह दावा सही है, मगर यदि सही है, तो मुख्यमंत्री ने इस मामले में सुलह कराने की कोशिश क्यों की? यदि वे दोनों को कानून के हवाले कर देते, तो भंवरी भी लापता नहीं होती।
बहरहाल, सीबीआई इस मामले की जांच में जितनी आगे बढ़ रही है, मदेरणा का आचरण उतना ही संदिग्ध होता जा रहा है, पर देश की नजर इस पर है कि भंवरी का क्या हुआ? वह आसमान में उड़ गई या जमीन में समा गई? आखिर, वह एक सितंबर से लापता है। उम्मीद है कि सीबीआई देश की इस जिज्ञासा को शांत करेगी। मामला चूंकि राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश पर आगे बढ़ा रहा है, इसलिए लीपापोती की आशंका भी नहीं है। वरना तो कुछ भी हो सकता था। कुल मिलाकर इस मामले से जुड़े सभी चेहरे बेनकाब होने चाहिए, वक्त की जरूरत यही है।

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