शनिवार, 24 दिसंबर 2011

पाकिस्तान से आई है सकारात्मक खबर

- राजेन्द्र चतुर्वेदी

पाकिस्तान के एक प्रांत ने राज कूपर व दिलीप कुमार के पेशावर स्थित पैतृक घरों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर दिया है। यह उम्दा पहल है।कभी-कभी पाकिस्तान से भी उम्दा खबरें आ जाती हैं, जिन्हें सुनकर लगता है कि पाकिस्तानियों की मानसिकता भारत के प्रति बदल रही है।


हम जानते हैं कि दिलीप कुमार और स्व. राज कपूर हिंदी फिल्मों के महान अभिनेता रहे हैं और यह भी कि इन दोनों का जन्म अविभाजित भारत में उन स्थानों पर हुआ है, जो बंटवारे में पाकिस्तान को मिले। खबर यह है कि पेशावर स्थित इन दोनों अभिनेताओं के घरों को पख्तूनख्वाह-खैबर प्रांत की राज्य सरकार ने पाकिस्तान की राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर दिया है। इस प्रांत की सरकार पर चूंकि खान अब्दुल गफ्फार खान, जिन्हें पाकिस्तान के चरमपंथी भारत का दलाल कहते थे, के पोते असफंदयार खान का दबदबा है। लिहाजा, आशंका यह थी कि इस सरकार के इस कदम का पाकिस्तान में विरोध भी हो सकता है। कट्टरपंथी और वहां की केंद्र सरकार पख्तूनख्वाह-खैबर प्रांत की सरकार के राज कपूर और दिलीप कुमार के घरों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने के निर्णय का विरोध कर सकते हैं, पर यह आशंका सही साबित नहीं हुई है। कट्टरपंथियों के विरोध की आशंका तो अब भी बनी हुई है, पर केंद्रीय सरकार ने तो इसका स्वागत ही किया है।
इससे इसका पता चलता है कि एक हद तक ही सही, पर अब पाकिस्तानियों की भारत के प्रति मानसिकता बदल रही है। यह तो सही है कि सभी पाकिस्तानी नहीं बदले हैं। वहां अब भी भारत के विरोधियों की अच्छी-खासी तादाद है, पर सच यह भी है कि लोग धीरे-धीरे बदल रहे हैं। कहां तो पाकिस्तानवासियों को भारतीय फिल्में चोरी-चोरी चुपके-चुपके देखनी पड़ती थीं और अब कहां दिलीप कुमार और राज कपूर के पैतृक निवास राष्ट्रीय धरोहर बन रहे हैं और इस पर कोई बखेड़ा भी नहीं हो रहा है, तब हमें इस बदलाव को सकारात्मक ही मानना चाहिए, क्योंकि पाकिस्तानी चाहे जैसे हों, पर हम तो सकारात्मक हो ही सकते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें