शनिवार, 16 जून 2012

आंध्रप्रदेश उपचुनाव के नतीजे: यही होना था



- राजेन्द्र चतुर्वेदी




आंध्रप्रदेश विधानसभा उपचुनावों में वाईएसआर कांग्रेस को जो सफलता मिली, वह अप्रत्याशित नहीं है। दरअसल, यह तो वहां होना ही था।आंध्रप्रदेश के 18 विधानसभा और एक लोकसभा उपचुनाव के नतीजे अब हमारे सामने हैं। वहां भूतपूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वाईएस राजशेखर रेड्डी के पुत्र व कांग्रेस से अलग होकर बनाई गई वाईएसआर-कांग्रेस के नेता जगन मोहन रेड्डी ने वह जलवा दिखाया कि कांग्रेस चारों खाने चित हो गई। न तो बहुत धूमधाम से अभी पिछले दिनों कांग्रेस में शामिल किए गए फिल्म अभिनेता चिरंजीवी का वहां जादू चला और न ही वह समीकरण भी काम में आया, जो वाईएसआर की जगह किरण कुमार रेड्डी को आंध्र का मुख्यमंत्री बनाकर बनाया गया था। यह तो हम जानते ही हैं कि वाईएसआर आंध्रप्रदेश के बहुत लोकप्रिय नेता थे। तब हमें यह भी समझना चाहिए कि चूंकि भारतीय राजनीति में वंशवाद का खोटा सिक्का भी खूब चलता है, इसलिए जगन मोहन रेड्डी भी वहां लोकप्रिय होंगे ही। उनकी लोकप्रियता में और भी इजाफा करने का काम केंद्र सरकार ने भी किया है। उल्लेखनीय है कि जगन मोहन रेड्डी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में फिलहाल जेल में हैं। उनको सीबीआई ने अभी 27 मई को ही तो गिरफ्तार किया था। यानी, जेल में बंद जगन मोहन कांग्रेस के लिए कहीं ज्यादा खतरनाक साबित हुए। जगन आंध्रप्रदेश में यह संदेश देने में कामयाब रहे कि चूंकि उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है, इसलिए केंद्र सरकार अब उनसे बदला ले रही है।
फिर, यह भी तो याद रखने योग्य है कि विधानसभा की जिन सीटों पर उपचुनाव हुए हैं, वे इसलिए रिक्त हुई थीं कि वहां के विधायक कांग्रेस छोड़कर वाईएसआर-कांग्रेस में शामिल हो गए थे, इसलिए उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसको भी तो बदले की भावना से की गई कार्रवाई माना जाता है। मतलब, वहां जगन के पक्ष में सहानुभूति की लहर तो पहले से ही थी, जो कसर बची थी, वह सीबीआई ने पूरी कर दी। इसका नतीजा सामने है।

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