शनिवार, 18 मई 2013

लुटेरो... मुझे लूटकर दिखाओ!





  • - गुलाबी गैंग की दबंग महिला ने हजारों बदमाशों को किया पुलिस के हवाले
  • - सड़क पर निकलते ही रूह कांप जाती है बड़े-बड़े अपराधियों की

- राजकुमार सोनी

भोपाल। हर एक महिला में झांसी की रानी होती है, बस कमी है तो उसके अंदर दबे जज्बात को बाहर निकालने की। जब वह घर से बाहर निकलती है तो वह अपने साथ मान-सम्मान व वर्चस्व हाथ में लेकर चलती है। ऐसी ही एक महिला हैं भाविका मोटवानी। जो न केवल राजधानी में रहकर समाज सेवा कर रही हैं बल्कि कुख्यात बदमाश, लुटेरों, चोरों को पुलिस के हवाले कर जांबाजी की मिसाल कायम कर रही हैं।
    नगर एवं ग्राम रक्षा समिति पिपलानी की मेम्बर भाविका मोटवानी के साथ आठ-दस लड़कों की अच्छी-खासी फौज है जो न केवल डंडे-लाठी लेकर चलते हैं बल्कि पुलिस कर्मियों का साथ भी रहता है। उन्होंने इसका नाम गुलाबी गैंग रखा है। यह गुलाबी गैंर शाम ढलते ही बाजार की सड़कों पर निकलना शुरू हो जाता है तो देर रात तक मोहल्लों, गलियों व चौराहों पर अपने-अपने वाहन से निकलता है जिसका नेतृत्व भाविका मोटवानी खुद करती हैं। भाविका सोने-चांदी के आभूषण पहनकर पैदल चलती हैं उनके साथ दूरी बनाकर उनकी गैंग के सदस्य लैस होकर चलते हैं। पीछे-पीछे सिविल ड्रेस में पुलिस के कर्मचारी चलते हैं। जैसे ही कोई लुटेरा या बदमाश लूटने की कोशिश करता है तभी गैंग के सदस्य उस पर हावी होकर धर दबोचते हैं। पीछे से पुलिसकर्मी आकर गिरफ्त में आए आरोपी को थाने लेकर जाकर कार्रवाई करते हैं।

झांसी रानी से प्रभावित
भाविका मोटवानी ने बताया कि मैं मुंबई की रहने वाली हूं। हमने प्राइमरी व उच्च शिक्षा के दौरान झांसी की रानी के चरित्र को बचपन से ही अपने जीवन में उतारा। जब हमारी शादी 2001 में भोपाल हुई तो कुछ ही समय बाद ससुराल वाले मुझे तंग व परेशान करने लगे। मैंने जब इसका विरोध किया तो वे सब मुझ पर हावी होने की कोशिश करने लगे, उसी वक्त मुझमें झांसी की रानी जागृत हुई। ससुराल वालों को लाइन पर लाने के लिए मैं पिपलानी थाने में  मई 2002 में शिकायत करने के लिए गई लेकिन हमने ससुराल वालों की यहां शिकायत न करते हुए पिपलानी टीआई से पूछा मुझे कोई ऐसा काम बताओ जिससे समाज सेवा भी हो और हमारा नाम भी रोशन हो सके। तब उन्होंने बताया कि आप नगर एवं ग्राम रक्षा समिति से जुड़कर यह कार्य कर सकती हो। तभी से मैं इसमें जुड़कर काम कर रही हूं। हमारी गुलाबी गैंग में नावेद खान, वसीम मलिक, समीर हाशमी, अभिषेक तिवारी व राशिद अंसारी शामिल हैं। पिपलानी व अयोध्या चौकी के टीआई से लेकर सभी पुलिसकर्मियों का सहयोग मिलता है।

दो हजार बदमाशों को पकड़वाया
10 सालों में हमने लगभग दो हजार बदमाशों को पकड़ाकर पुलिस के हवाले किया है। इसमें चोर, डकैती, लूट, हत्या, जिला बदर के आरोपी भी शामिल हैं।

दुर्घटनाग्रस्त लोगों को बचाया
पिछले दस सालों में हुई सड़क दुर्घटनाओं के लगभग 600 लोगों को जान अस्पताल पहुंचाकर बचाई है।

समाजसेवा में सक्रिय
सिंधी समाज सहित नवदुर्गा, गणेशोत्सव चल समारोह की व्यवस्था करना, रैली, बड़े समारोह आदि को संभाला है।

आदर्श कटियार ने किया सम्मानित
पिपलानी इलाके में बेहतर काम करने के लिए तत्कालीन एसएसपी आदर्श कटियार ने मुझे सम्मानित किया था।

नहीं मिलता पारिश्रमिक
मोटवानी का कहना है कि पुलिस विभाग ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों को कोई भी पारिश्रमिक नहीं देता, जबकि उन्हें हर माह पारिश्रमिक मिलना चाहिए।

इनका कहना
नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों को हाईटैक किया जा रहा है जिससे अपराधों पर तेजी से अंकुश लगेगा। उन्हें पारिश्रमिक देने का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय भेजा गया है।
उपेन्द्र जैन, आईजी

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