शुक्रवार, 24 मई 2013

इंडिया का सबसे बड़ा ड्रामेबाज : पुणे का आदित्य सिंहल



इस साल जनवरी में जबसे यह शो प्रसारित होना आरंभ हुआ है, पूरा देश इनकी प्रतिभा का दीवाना हो गया है। चाहे वह हृतिक रोशन हों, डेविड धवन हों, प्रीति जिंटा हों, आयुष्मान खुराना हों, जूही चावला हों या अर्जुन कपूर, इंडियाज बेस्ट ड्रामेबाज में नन्हें अभिनेताओं ने बॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारों तक को अपनी विविधता और मासूमियत से विस्मित करके रख दिया है। जैसे-जैसे यह शो समापन की ओर बढ़ता गया, टॉप 6 ड्रामेबाजों के बीच की स्पर्धा एक रोमांचक मोड़ ले लिया, दर्शक हैरानी के साथ इंतजार में थे कि आखिर कौन इस महत्वपूर्ण ' गोल्डन कीड़ा ट्रॉफी को हासिल करने में कामयाब होगा। देश ने अपना फैसला सुनाया और इंडियाज बेस्ट ड्रामेबाज हैं पुणे के आदित्य सिंहल !!!
12 साल के आदित्य ने शो के ग्रॅन्ड फिनाले में असंख्य प्रशंसकों के बीच अपने साथी फायनलिस्टों, मोहाली की अंजली आस्था, नागपुर के चिन्मय देशकर, मोहाली की मेहनाज मान, शिर्डी से निहार गिते और जयपुर से प्रणीत शर्मा, को दौड़ में पीछे छोड़कर, यह खिताब अपने नाम किया। एक प्रकाशक और प्रूफ रीडर के बेटे और एक प्रतिभाशाली बाल अभिनेता आदित्य का कहना है कि अभिनय की कीड़ा उसे तब से काट रहा है, जब वह सिर्फ 4-5 साल का था। एक कच्ची उम्र से ही वह जन्मदिन की पार्टियों में शरारतन अपने मां-बाप और बड़ों की नकल उतारा करता था और सभी के छक्के छुड़ा देता था।
'' बेशक मैं इस शो में जीत से रोमांचित हूँ, लेकिन मैं इसे यहीं समाप्त नहीं करना चाहता। इंडियाÓज बेस्ट ड्रामेबाज ने मुझे बहुत कुछ दिया है। मैं इस मंच को, प्रस्तुतियों को अनुराग बासु , सोनाली दीदी, विवके भैया, रित्विक और रागिनी दीदी को बहुत मिस करूँगा। मैंने इन सभी से और खासकर इस शो में मेरे गुरु आलोक उल्फत से एक्टिंग के बारे में बहुत कुछ सीखा है। मैंने नागपुर के चिन्मय देशकर और पटना के अभिषेक जैसे कई अच्छे दोस्त पाए हैं। हम सेट्स पर बहुत मस्ती किया करते थे। दुर्भाग्य से, दोनों बीमार पड़ गए और उन्हें शो से बाहर होना पड़ा।

बड़े होकर अभिनेता बनूंगा
पुणे के बिशप को-एड स्कूल का छात्र, आदित्य नाट्य संस्कार नामक एक अभिनय संस्थान के माध्यम से अनेक राज्य स्तरीय अभिनय स्पर्धाओं में हिस्सा ले चुका है। उसके आइडियल हैं, शाहरुख खान, जिन्हें वह बहुत स्टायलिश मानता है। लेकिन, वह परेश रावल को हमेशा अपना फेवरेट कहता है, जिन्हें वह बेहद विविधता से भरपूर मानता है। तो क्या शो के निर्णायकों में से भी उसका कोई फेवरेट है? आदित्य तुरंत जवाब देता है, '' निस्संदेह अनुराग दा। वह एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने हमारे विकास में बहुत दिलचस्पी ली है और हमारी प्रस्तुतियों पर बहुत मेहनत की है। वे हमें बहुत सावधानीपूर्वक हमारी कमियों के बारे में बताते थे। वह गर्मजोशी और स्नेह से भरपूर, एक सच्चे बेहतरीन इंसान हैं। हम सभी उन्हें प्यार करते हैं। इस शो में उसके सबसे यादगार एक्ट रहे एक तो उसका वह एक्ट, जिसमें उसे स्कूल के नाटक में रावण का रोल करने वाले बच्चे की हड़बड़ाहट को प्रस्तुत करनी थी, दूसरा वह एक्ट जिसमें उसने डीआईडी लिटिल मास्टर्स के विजेता फैजल के साथ जुगलबंदी की थी और तीसरा उसके सबसे अच्छे दोस्त चिन्मय के साथ किया गया मैजिक एक्ट, जिसमें दोनों ने बौने की भूमिका की थी। इसी तरह उसका ग्रॅन्ड फिनाले का वह एक्ट भी काफी बेहतरीन रहा, जिसमें उसने दीवार फिल्म के प्रसिद्ध डॉयलॉग '' मेरे पास मां है  पर अभिनय किया।
आदित्य की भविष्य की क्या योजनाएं हैं? आदित्य कहता है, '' अब यह मेरी पढ़ाई में मन लगाने का समय है। मैं स्कूल में बेहतर ग्रेड्स हासिल करने पर ध्यान देते हुए अभिनय के अवसरों और आने वाले ऑडिशनों पर भी नजर रखूंगा। आखिर मैं बड़ा होकर एक अभिनेता बनना चाहता हूँ!!
हम भी यही कामना करते हैं कि यह ड्रामेबाज अपने सभी भावी प्रयासों में कामयाबी हासिल करे।
पत्रकार राजकुमार सोनी के साथ इंडिया बेस्ट ड्रामेबाज के नन्हें कलाकार

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें